October 15, 2026

पंजाब में 154 और आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 154 नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए, जिससे राज्य में क्लीनिकों की कुल संख्या 1,244 हो गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता नारों की राजनीति करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और रोजगार प्रदान करना है।

चब्बेवाल के गांव हरखोवाल में विशाल सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने क्लीनिकों में 6.48 करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. और 54.20 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य योजना का उल्लेख किया। उन्होंने लोगों को सचेत किया कि सरकार बदलने से महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और सत्कार योजना सहित अन्य कल्याणकारी पहलों पर खतरा मंडरा सकता है।

एक्स पर विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हमने पंजाब के लोगों को 154 नए आम आदमी क्लीनिक समर्पित किए हैं। इन क्लीनिकों का उद्घाटन चब्बेवाल के गांव हरखोवाल में विशाल जनसभा के दौरान किया गया। इससे पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या 1,244 हो गई है। अब तक इन क्लीनिकों में 6.5 करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. दर्ज की गई है और इन मरीजों ने मुफ्त दवाइयां और लैब टेस्ट की सुविधा प्राप्त की है।

हमारी सरकार का मिशन लोगों से जीत या हार के नारे लगवाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना है। पारंपरिक राजनीतिक दलों ने सिर्फ पंजाब को लूटा है। वे हमें बदनाम करने के लिए चाहे जितने भी हथकंडे अपना लें, लेकिन जब तक मेरे पास लोगों का प्यार और विश्वास है, मुझे उनसे डरने की कोई जरूरत नहीं है। इंकलाब जिंदाबाद।”

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हमने पंजाब के लोगों को 154 और आम आदमी क्लीनिक समर्पित किए हैं, जिससे इन क्लीनिकों की कुल संख्या 1,244 हो गई है। नए समर्पित किए गए क्लीनिकों में से 36 अमृतसर में, 26 पटियाला में, 17 लुधियाना में, 12 गुरदासपुर में, 11 जालंधर में और 10 साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) जिले में हैं, इसके अलावा बाकी जिलों में भी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं। ये क्लीनिक 107 दवाइयां और 47 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराते हैं ताकि लोगों को बिना किसी वित्तीय कठिनाई के जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।”

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