चंडीगढ़, 20 अक्टूबर 2026: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमित शाह देश भर में घूमकर अलग-अलग राज्यों की समस्याओं से वाकिफ होने का दावा करते हैं, लेकिन पंजाब आने से पहले उन्हें गैंगस्टरवाद, नशा तस्करी , जबरन वसूली और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े देश के लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। चीमा ने कहा कि आज देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और भाजपा को अपनी जिम्मेदारी से भागने के बजाय इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का मुद्दा उठाया और कहा कि उसके विरुद्ध देश के अलग-अलग हिस्सों में हत्या, जबरन वसूली और किडनैपिंग जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद, यह तथ्य कि वह कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और गुजरात की साबरमती जेल में रहते हुए उसे धमकी भरे कॉल आए, यह बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल किया कि अगर जेलों के अंदर से आपराधिक नेटवर्क चलने के आरोप हैं, तो केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारें इसकी जवाबदेही तय क्यों नहीं करतीं? अमित शाह को यह साफ करना चाहिए कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
चीमा ने मुंबई में अदाकार टाइगर श्रॉफ पर चली गोलियों की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि देश में बड़े कलाकारों, बिजनेसमैन और प्रभावशाली लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब गंभीर घटनाओं या धमकियों के संदर्भ में आपराधिक गैंग के नाम सामने आते हैं, तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे। चीमा ने इस घटना से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच करने और जनता के सामने तथ्य रखने की मांग की।
चीमा ने भाजपा शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से गैंगवार, फायरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश में मजबूत कानून-व्यवस्था देने का दावा करती है, लेकिन इन घटनाओं के बीच जनता जानना चाहती है कि अपराधियों का नेटवर्क तोड़ने और युवाओं को ड्रग्स से बचाने के लिए असल में क्या किया जा रहा है। चीमा के मुताबिक, सिर्फ राजनीतिक भाषणों से अपराध नहीं रोका जा सकता, इसलिए जवाबदेही, असरदार जांच और अपराधियों के विरुद्ध पक्की कार्रवाई जरूरी है।
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