हीरानगर. पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए हीरानगर सेक्टर के सीमावर्ती ग्रामीण तैयारियों में व्यस्त हैं। किसान गेहूं की कटाई और बंकरों की सफाई का काम तेज कर रहे हैं। लगभग 70 प्रतिशत कटाई पूरी हो चुकी है। लोग बंकरों में खाने-पीने का सामान जमा कर रहे हैं। हालाँकि, कई बंकरों में अभी भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
युद्ध स्तर पर गेहूं की कटाई
पहलगाम में पर्यटकों के नरसंहार (पहलगाम आतंकी हमला) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए हीरानगर सेक्टर के सीमावर्ती ग्रामीण किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटे हुए हैं। एक तरफ गेहूं की कटाई युद्ध स्तर पर चल रही है, वहीं दूसरी तरफ बंकरों की सफाई का काम भी जारी है। अब तक 70 प्रतिशत क्षेत्र में कटाई हो चुकी है। पंजाब से आई दर्जनों कंबाइन हार्वेस्टर हीरानगर सेक्टर के विभिन्न गांवों में दिन-रात कटाई में व्यस्त हैं।
बंकरों में भोजन और पेय पदार्थ एकत्र करते लोग
वर्तमान में फसल कटाई जिस गति से चल रही है। इसे देखते हुए ऐसा लग रहा है कि अगले तीन दिनों में कटाई का काम पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही आतंकी हमले के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए लोगों ने अपनी सुरक्षा के भी इंतजाम कर लिए हैं। विशेष रूप से, उन्होंने घर में बने बंकरों की सफाई करनी शुरू कर दी है और उनमें रोशनी तथा अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थ रखना शुरू कर दिया है।

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