नई दिल्ली, 28 मई : इंडियन इंस्टीच्यूट आफ टेेक्नॉलाजी (आईआईटी) दिल्ली ने छात्रों पर बोझ कम करने और उद्योग की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए 12 साल बाद अपने fसलेबस में बदलाव किया है। संस्थान के निदेशक रंगन बनर्जी ने एक साक्षात्कार में बताया कि डसलेबस में अंतिम बार संशोधन 2013 में किया गया था। उन्होंने कहा, ‘उद्योग की मांगें तेजी से बदल रही हैं।’
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) एक नया उभरता हुआ क्षेत्र है और इसका ध्यान स्थिरता पर केंद्रित है। पहले दो सेमेस्टरों के लिए कक्षा का आकार अब 300 के बजाय 150 होगा ताकि अधिक व्यक्तिगत ध्यान सुनिश्चित किया जा सके। बी.टेक. डिग्री के अलावा, ऑनर्स कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। इसके अलावा, अब कोई भी स्नातक छात्र अपने तीसरे वर्ष के अंत में आईआईटी के लिए आवेदन कर सकता है। दिल्ली में कोई भी एम.टेक उपलब्ध है? कार्यक्रम में एम.टेक. डिग्री के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे छात्र पांच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।
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