January 10, 2026

रूस इंटरनेट सेंसरशिप के ज़रिए लोगों को दुनिया से अलग-थलग कर रहा है

रूस इंटरनेट सेंसरशिप के ज़रिए लोगों को...

तेलिन, 6 अगस्त : यूट्यूब वीडियो डाउनलोड न होना, एक लोकप्रिय स्वतंत्र मीडिया वेबसाइट का खाली पेज दिखना, मोबाइल फ़ोन का इंटरनेट घंटों या दिनों तक बंद रहना रूस में आम बात हो गई है। यह सब किसी तकनीकी कारण से नहीं, बल्कि लोगों को स्वतंत्र जानकारी तक पहुँचने से रोकने की सरकारी कार्रवाई का नतीजा है।

अधिकार समूहों के अनुसार, रूस में ऑनलाइन जानकारी इकट्ठा करना निराशाजनक, जटिल और यहाँ तक कि खतरनाक भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट की सुचारू पहुँच में बाधा और कई साइटों के बाधित होने का कारण अधिकारियों द्वारा इन प्लेटफार्मों को क्रेमलिन के पूर्ण नियंत्रण में लाने का एक जानबूझकर, बहुआयामी और दीर्घकालिक प्रयास है। अधिकार समूहों के अनुसार, अधिकारियों ने प्रतिबंधात्मक कानून बनाए हैं और उन वेबसाइटों और प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगा दिया है जो उनके निर्देशों का पालन नहीं करते हैं।

‘ऑनलाइन ट्रैफ़िक’ की निगरानी और उसमें हेरफेर करने के लिए तकनीक में और सुधार हुआ है। हालाँकि ‘वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क’ (वीपीएन) ऐप्स का इस्तेमाल करके प्रतिबंधों को दरकिनार करना अभी भी संभव है, लेकिन इन्हें भी नियमित रूप से ब्लॉक किया जाता है।

यह भी देखें : टैरिफ वॉर के बीच ब्राजील के राष्ट्रपति बोले, ‘मैं ट्रंप नहीं मोदी से बात करूंगा…’