चंडीगढ़, 7 अगस्त : पंजाब के करीब 30 लाख लोग मुफ्त अनाज गेहूं पाने के लाभ से वंचित रह सकते हैं। राज्य में अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत प्रति परिवार प्रति माह 35 किलो गेहूं दिया जाता है, जबकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत प्राथमिकता वाले घरेलू (पीएचएच) श्रेणी के तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो गेहूं मुफ्त दिया जाता है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गेहूं हर तिमाही में वितरित किया जाता है, अगर लाभार्थियों ने ईकेवाईसी नहीं करवाई, तो उन्हें तिमाही (जुलाई, अगस्त, सितंबर) का गेहूं नहीं मिलेगा।
निचले स्तर के अधिकारी नहीं करवा पा रहे के.वाई.सी.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मुफ्त अनाज पाने वाले लाभार्थियों की संख्या करीब 1.57 करोड़ है। इतनी बड़ी संख्या के कारण भारत सरकार ने लाभार्थियों का व्यक्तिगत सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि अभी तक करीब 1,27,84000 लोगों ने ही ई-केवाईसी कराया है। विभाग की ओर से बार-बार अनुरोध करने के बावजूद लाभार्थी अपना केवाईसी नहीं करा रहे हैं।
विभाग के उच्च अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा है कि लाभार्थी ई-केवाईसी क्यों नहीं करा रहे हैं या फिर लाभार्थी राज्य में दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। विभाग के मंत्री लाल चंद कटारूचक इस संबंध में तीन बैठकें कर निचले स्तर के अधिकारियों को केवाईसी कराने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अभी तक निचले स्तर के अधिकारी ई-केवाईसी कराने का काम पूरा नहीं कर पाए हैं।
उल्लेखनीय है कि निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की योजना पूर्णतः भारत सरकार की योजना है और केन्द्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ई-केवाईसी न होने पर किसी भी व्यक्ति को खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
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