February 4, 2026

आलू के लिए खुल सकता है बड़ा बाजार, किसानों को मिलेगा लाभ

आलू के लिए खुल सकता है बड़ा बाजार...

लखनऊ, 31 जनवरी : उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों के लिए ओडिशा में एक बड़े बाजार की संभावनाएं बन रही हैं। बागवानी विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य बागवानी सहकारी विपणन संघ (HAFED) की ओर से शुक्रवार को भुवनेश्वर में आयोजित खरीदार–विक्रेता सम्मेलन में ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह ने राज्य के व्यापारियों से उत्तर प्रदेश जाकर किसानों से सीधे आलू खरीदने की अपील की।

आलू आपूर्ति को लेकर MoU पर सहमति

सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के किसानों और वहां के व्यापारियों के बीच आलू की आपूर्ति को लेकर आपसी समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर सहमति बनी। इससे दोनों राज्यों के बीच कृषि व्यापार को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि देश के कुल आलू उत्पादन का लगभग 35 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में होता है। वर्ष 2025-26 में लगभग 6.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 245.94 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन की संभावना है। इसमें से करीब 60 प्रतिशत उत्पादन आगरा, अलीगढ़, मेरठ और कानपुर मंडल के 10 जिलों में होता है।

दूरस्थ बाजारों के लिए उपयुक्त किस्में

उन्होंने बताया कि कुफरी बहार, कुफरी बादशाह, कुफरी सिंदूरी, कुफरी पुखराज और चिपसोना जैसी किस्में दूर-दराज के बाजारों और प्रोसेसिंग के लिए बेहद उपयुक्त हैं। इससे ओडिशा के व्यापारियों को सीमित क्षेत्र से ही उच्च गुणवत्ता वाला आलू आसानी से उपलब्ध हो सकता है।

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ आलू व्यापार को और बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने व्यापारियों से किसानों से सीधे खरीद करने का आह्वान किया, ताकि ओडिशा के उपभोक्ताओं को सालभर आलू की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

किसानों और व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के 11 किसानों ने आलू की विभिन्न किस्मों के नमूने प्रदर्शित किए, जबकि ओडिशा के 47 बड़े व्यापारी इसमें शामिल हुए। इस अवसर पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने पुरी स्थित रेगुलेटेड मार्केट का भी दौरा किया। इस पहल से उत्तर प्रदेश के किसानों को बेहतर बाजार और ओडिशा के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण आलू मिलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।