नई दिल्ली, 20 जनवरी : भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का दिल्ली हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेता एक ही वाहन में सवार होकर प्रधानमंत्री आवास पहुंचे, जहां द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को लेकर विस्तृत बातचीत हुई।
रक्षा, ऊर्जा और स्पेस में सहयोग बढ़ेगा
प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष (स्पेस) और नागरिक परमाणु क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर सहमति जताई। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस दौरे को बेहद सार्थक बताया। भारत और यूएई ने वर्ष 2032 तक द्विपक्षीय वार्षिक व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। गौरतलब है कि वर्ष 2023–24 में दोनों देशों के बीच व्यापार 84 अरब डॉलर रहा था।
एलएनजी सप्लाई के लिए दीर्घकालिक समझौता
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूती देते हुए भारत और यूएई के बीच हर साल 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी (LNG) की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौता हुआ है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बल मिलेगा। दोनों देशों ने बड़े और छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टरों के विकास के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई है। यह सहयोग स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस उच्चस्तरीय मुलाकात को भारत–यूएई संबंधों में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करेगी।
यह भी देखें : सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की

More Stories
ग्लोबल तनाव का असर, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा
EPFO पेंशन : न्यूनतम पेंशन ₹7500 करने की मांग, 3 दिन प्रदर्शन करेंगे पेंशनर
रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप की छूट को लेकर भारत का जवाब