चंडीगढ़, 5 जनवरी : आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि धामी न्याय, सच्चाई और गुरु साहिब के साथ खड़े होने की बजाय शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रवक्ता की तरह काम कर रहे हैं। पन्नू ने तंज कसते हुए कहा कि अगर धामी खुद को अकाली दल का सिपाही मानते हैं तो यह उनकी पसंद है, लेकिन उन्हें गुरु साहिब का सिपाही होना चाहिए था।
अकाली दल के प्रवक्ता न बनें धामी : पन्नू
पन्नू ने धामी के उस बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि SGPC 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले में दर्ज एफआईआर को स्वीकार नहीं करती और उसे पुलिस की जरूरत नहीं है। पन्नू ने इसे पूरी तरह भ्रामक करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो संस्था खुद कानून के तहत बनी है और जनरल इजलास के लिए डिप्टी कमिश्नर से अनुमति लेती है, वह पुलिस और एफआईआर पर भरोसा न होने का दावा कैसे कर सकती है?
धामी को खुली चुनौती: डायरी क्यों छिपाई?
AAP नेता ने कई उदाहरण देते हुए कहा कि जब-जब SGPC को जरूरत पड़ी है, उसने खुद पुलिस से संपर्क किया है और एफआईआर दर्ज करवाई है। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूप आखिर हैं कहां, जिन्हें SGPC आज तक ढूंढने में नाकाम रही है।
बलतेज पन्नू ने धामी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अपनी अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह ईमानदारी से बताएं कि उनके पास बेअदबी के मामलों और 328 गुम पावन स्वरूपों से जुड़ी जो डायरी है, उसे अब तक क्यों छिपाकर रखा गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या उनकी प्रधानगी उस डायरी पर निर्भर करती है?
ईशर सिंह रिपोर्ट की अनदेखी का आरोप
पन्नू ने ईशर सिंह रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में साफ लिखा है कि दोषी पाए गए लोगों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए जाने चाहिए थे, क्योंकि इससे वे जिम्मेदारी से बच सकते हैं। इसके बावजूद धामी ने रूप सिंह का इस्तीफा स्वीकार किया, उनके बकायों का निपटारा किया गया और उन्हें विदेश भेज दिया गया, जो अपने लोगों को बचाने की कोशिश थी।
10 करोड़ की रिकवरी और न्यायिक आयोग पर भी सवाल
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में 10 करोड़ रुपये की राशि का 75 प्रतिशत एसएस कोहली से वसूलने की बात कही गई थी, लेकिन पिछले पांच सालों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। पन्नू ने सवाल उठाया कि जिस सिख न्यायिक गुरुद्वारा आयोग की बात धामी करते हैं, उसने पांच सालों में क्या किया? उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग में अकाली दल से जुड़े लोगों का प्रभाव है।
AAP नेता ने कहा कि एसएस कोहली अब एसआईटी की हिरासत में है और उससे हर जरूरी जानकारी हासिल की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि पार्टी इस पूरे मामले को लेकर सच सामने लाने तक चुप नहीं बैठेगी।
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