आगरा, 6 जनवरी : कोरोना महामारी के दौरान शादी रद्द होने के एक मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। बेटी की शादी के लिए बुक किए गए रिज़ॉर्ट की एडवांस रकम अब रिज़ॉर्ट मालिक को ब्याज समेत लौटानी होगी। हालांकि, जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा दिए गए मुआवज़े की राशि को घटाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है।
सिकंदरा निवासी प्रो. यू.सी. शर्मा ने अपनी बेटी की शादी के लिए राजस्थान के सांगानेर स्थित ‘संस्कार रिसॉर्ट एंड स्पा विलेज’ बुक किया था। इसके लिए उन्होंने फरवरी और मार्च 2020 में कुल चार लाख रुपये का भुगतान किया था। इसी दौरान कोरोना संक्रमण के चलते सरकार द्वारा सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगा दी गई।
6% ब्याज के साथ रिफंड के निर्देश
22 मई 2020 को दूल्हे के पिता की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई, जिसके कारण नवंबर-दिसंबर 2020 में प्रस्तावित शादी रद्द करनी पड़ी। इसके बाद शर्मा द्वारा एडवांस रकम वापस मांगे जाने पर भी भुगतान नहीं किया गया, जिससे उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई।
जिला फोरम ने 60 दिनों के भीतर चार लाख रुपये लौटाने और 50 हजार रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ रिज़ॉर्ट मालिक ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। सुनवाई के बाद आयोग ने मुआवज़े की राशि घटाकर 10 हजार रुपये कर दी, साथ ही बुकिंग की रकम 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने के निर्देश दिए।
यह फैसला कोरोना काल में उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर एक अहम मिसाल माना जा रहा है।

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