February 4, 2026

स्वतंत्रता के बाद पंजाब को राजधानी से वंचित रखा गया : मुख्यमंत्री भगवंत मान

स्वतंत्रता के बाद पंजाब को गैर-कानूनी तरीके...

होशियारपुर, 27 जनवरी : गणतंत्र दिवस के अवसर पर होशियारपुर में राष्ट्रीय तिरंगा फहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के संवैधानिक अधिकारों, ऐतिहासिक योगदान और राज्य सरकार की उपलब्धियों को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पंजाब को गैर-कानूनी ढंग से उसकी राजधानी और अलग हाईकोर्ट से वंचित रखा गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और पंजाब के पानी को छीनने की साजिशें कभी सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने हकों की रक्षा के लिए कानूनी और संवैधानिक लड़ाई लगातार लड़ता रहेगा।

अलग हाईकोर्ट न होना पंजाब के साथ अन्याय

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश के सबसे छोटे राज्यों के पास भी अपनी हाईकोर्ट हैं, लेकिन पंजाब आज भी इससे वंचित है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मामलों का अत्यधिक बोझ होने के कारण पंजाबियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी और संविधान के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाबियों ने दी हैं। कूका आंदोलन, गदर आंदोलन, बब्बर अकाली आंदोलन, कामागाटा मारू कांड और पगड़ी संभाल जट्टा जैसे आंदोलनों का नेतृत्व पंजाबियों ने किया।

पंजाब देश का अन्नदाता और खड़गभुजा

किसानों और सैनिकों के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को देश का अन्नदाता और खड़गभुजा कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पंजाब देश के केंद्रीय अन्न भंडार में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए बदलावों पर चिंता जताई और कहा कि इससे अनुसूचित जाति, महिलाओं और बेजमीन मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट आएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’, ‘गैंगस्टरों पर वार’ और नारको-ड्रोन के खिलाफ सख्ती से पंजाब फिर से पटरी पर लौट रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक लगाई गई है और सैकड़ों ड्रोन जब्त किए गए हैं।

स्वास्थ्य, रोजगार और निवेश में ऐतिहासिक उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और सिफारिश के दी गईं, 2022 से अब तक 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 5.2 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए, पंजाब निवेश सम्मेलन 13 से 15 मार्च तक आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन के बाद पंजाब में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस ऐतिहासिक रूप से मनाया गया और श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब व तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किया गया। उन्होंने घोषणा की कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व 1 से 20 फरवरी 2027 तक राज्य स्तरीय समागमों के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दो टूक कहा, “पंजाब अपने अधिकारों की लड़ाई हर मंच पर लड़ेगा। पंजाबी न कभी झुके हैं और न ही भविष्य में झुकेंगे।”

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान परेड, पी.टी. शो, भांगड़ा-गिद्दा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। स्वतंत्रता सेनानियों, दिव्यांगजनों और समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

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