चंडीगढ़, 27 जनवरी : गणतंत्र दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक सुखवीर सिंह माईसरखाना पर लगे 30 लाख रुपये की रिश्वत के गंभीर आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और पूर्व पुलिस अधिकारी डॉ. गौरव अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को औपचारिक शिकायत भेजकर तत्काल जांच की मांग की है।
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में लगे आरोप
एडवोकेट डॉ. गौरव अरोड़ा द्वारा ED के निदेशक को भेजी गई शिकायत के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को एक सरकारी गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सार्वजनिक रूप से ये गंभीर आरोप लगाए गए। आरोप है कि नगर कौंसिल अध्यक्ष का पद हासिल करने के लिए विधायक सुखवीर सिंह माईसरखाना को 30 लाख रुपये रिश्वत के तौर पर दिए गए। इस कथित घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डॉ. अरोड़ा ने इस वीडियो को अपनी शिकायत के साथ संलग्न करते हुए इसे अहम साक्ष्य बताया है।
जन पद के दुरुपयोग का आरोप
डॉ. गौरव अरोड़ा ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह मामला जन प्रतिनिधि द्वारा पद के दुरुपयोग, बेहिसाबी धन के इस्तेमाल और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। शिकायत में ED से आग्रह किया गया है कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत इस मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की जाए, ताकि रिश्वत की राशि के स्रोत और धन के लेन-देन की वास्तविकता सामने आ सके।
राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप
इस शिकायत के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। अब सबकी निगाहें प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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