न्यूयार्क, 16 नवम्बर : अमेरिका में एच-1बी वीज़ा विवाद के बीच विदेशी कामगारों को लेकर बहस तेज़ हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने विदेशी कामगारों को सस्ता गुलाम बताते हुए कहा है कि हमें उनकी ज़रूरत नहीं है। वेंस ने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स का मॉडल कम वेतन वाले अप्रवासियों को देश में लाने पर ज़ोर देता है। इससे अमेरिकी लोगों की नौकरियों, वेतन और सुविधाओं को नुकसान होगा। ट्रंप का मॉडल दूसरा है, जो अमेरिका में विकास के रास्ते खोलेगा।
सस्ती लेबर की बजाए अमेरिकी कामगारों की मजबूती पर जोर
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कामगारों को तकनीक के ज़रिए सशक्त बनाया जाना चाहिए, न कि सस्ते विदेशी श्रम पर निर्भर रहना चाहिए। ट्रंप की पार्टी एच-1बी वीज़ा पर एक विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, जिससे भारतीयों का अमेरिका में प्रवेश मुश्किल हो सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप की करीबी और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा है कि एच-1बी वीज़ा को खत्म करने के लिए जल्द ही एक विधेयक पेश किया जाएगा। रिपब्लिकन मार्जोरी ने आरोप लगाया है कि एच-1बी वीज़ा का दुरुपयोग हो रहा है। अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत एच-1बी वीज़ा श्रेणी को खत्म कर दिया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने कहा कि अगले 10 सालों तक हर साल डॉक्टरों को 10,000 एच-1बी वीज़ा जारी किए जाएँगे। फ़िलहाल, हर साल जारी होने वाले 85,000 एच-1बी वीज़ा में से लगभग 70 प्रतिशत वीज़ा भारतीयों को जारी किए जाते हैं।
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