वाशिंगटन, 7 जनवरी : वेनिजुएला की राजधानी काराकास के आसमान में बीते कई महीनों से अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए का एक बेहद गोपनीय हथियार ‘ब्रैथ’ सक्रिय था, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी। यह ड्रोन सीआईए के सूत्रों के जरिए तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था और उससे जुड़ा डेटा सीधे अमेरिकी हेडक्वार्टर भेज रहा था।
स्टील्थ ड्रोन, जो रडार में नहीं आता
रिपोर्ट के अनुसार ‘ब्रैथ’ एक अत्याधुनिक स्टील्थ ड्रोन है, जो किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आता। यह मादुरो की हर गतिविधि की तस्वीरें और सूचनाएं इकट्ठा कर रहा था। इसी ड्रोन से मिले डेटा के आधार पर मादुरो के छिपने के ठिकाने का हू-ब-हू मॉडल तैयार किया गया, जिस पर अमेरिका में डेल्टा फोर्स ने मिशन की रिहर्सल की। ‘ब्रैथ’ को अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन की ‘स्कंक वर्क्स’ डिवीजन ने विकसित किया है। इसका इस्तेमाल केवल अत्यंत संवेदनशील सैन्य और खुफिया अभियानों में किया जाता है। यह दुश्मन को भनक लगे बिना उसके ठिकाने तक पहुंचने में सक्षम है।
50 हजार फीट की ऊंचाई से निगरानी
यह ड्रोन मादुरो के आवास के ऊपर लगभग 50 हजार फीट की ऊंचाई पर महीनों तक उड़ता रहा। इसके डिजाइन में ऐसी खासियतें हैं, जो इसके सिंगल-इंजन सिस्टम को रडार से बचाती हैं। इसमें लगे अत्याधुनिक सेंसर चलते हुए लक्ष्य को भी ट्रैक कर सकते हैं।
‘ब्रैथ’ में लगा इन्फ्रारेड कैमरा रात के समय भी वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है। इसका हाई-थ्रस्ट सिंगल इंजन कम ईंधन खर्च करता है और 50 हजार फीट की ऊंचाई से भी लक्ष्य की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सकता है। इसके हाईटेक इंटरसेप्टर दुश्मन की बातचीत तक को कैप्चर करने की क्षमता रखते हैं।
20 से ज्यादा ‘ब्रैथ’ ड्रोन अमेरिका के पास
ड्रोन की सतह पर विशेष प्रकार की कोटिंग की गई है, जो रडार सिग्नल को सोख लेती है। इसे हल्की लेकिन मजबूत मिश्रधातुओं से बनाया गया है, जिससे इसका वजन कम रहता है। टारगेट से जुड़ा पूरा डेटा रियल टाइम में हेडक्वार्टर भेजा जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के पास ऐसे 20 से ज्यादा ‘ब्रैथ’ स्टील्थ ड्रोन हैं, जिनकी तैनाती नेवादा स्थित क्रीच एयरफोर्स बेस पर है। मई 2011 में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अभियान के दौरान भी ‘ब्रैथ’ ड्रोन पाकिस्तान के एबटाबाद में उसके ठिकाने के ऊपर कई दिनों तक मंडराता रहा था।
हमले से पहले डिजिटल मैपिंग
मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए इस सैन्य अभियान में ‘ब्रैथ’ के अलावा अमेरिका के 150 से ज्यादा विमान शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न अमेरिकी ठिकानों से उड़ान भरी। सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में अमेरिकी साइबर वॉर यूनिट की भी अहम भूमिका रही। अमेरिका की साइबर फोर्स किसी भी हमले से पहले अपने लक्ष्य को पूरी तरह ‘डिजिटल मैप’ करती है, ताकि ऑपरेशन को सटीक और सफल बनाया जा सके। इसी रणनीति ने Mission Venezuela को निर्णायक बढ़त दिलाई।
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