नई दिल्ली, 4 अप्रैल : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और Strait of Hormuz में व्यवधान के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसी बीच रूस ने भारत को कच्चे तेल और एलएनजी (तरल प्राकृतिक गैस) की सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दिया है। रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री Denis Manturov की दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान ऊर्जा सहयोग मुख्य मुद्दा रहा।
2 अप्रैल 2026 को उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman से मुलाकात की।
सबसे बड़ा तेल सप्लायर बनने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चे तेल का सप्लायर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रूसी पक्ष ने बताया कि उसकी कंपनियां भारतीय बाजार में तेल और एलएनजी की सप्लाई लगातार बढ़ाने में सक्षम हैं। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में तेल और गैस क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई।
ऊर्जा सुरक्षा पर भारत का फोकस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में भुगतान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने रूसी तेल और गैस की सप्लाई के लिए भुगतान तंत्र को आसान बनाने के विकल्पों पर विचार किया। मंटूरोव की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक सप्लायरों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
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