नई दिल्ली, 23 मार्च : ईरान ने हालिया तनाव के बावजूद तेल और गैस से भारी आर्थिक लाभ कमाया है। प्रतिबंधों और हमलों के बीच भी ईरान ने अपने तेल निर्यात को जारी रखा है। खासकर गुप्त तरीकों से जहाजों के जरिए चीन को लगातार तेल सप्लाई की जा रही है, जिससे उसकी आय में बड़ा इजाफा हुआ है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से ईरान भारी शुल्क वसूल रहा है। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है, और यहां नियंत्रण होने से ईरान को रणनीतिक और आर्थिक दोनों फायदे मिल रहे हैं।
अमेरिका के हमले, लेकिन तेल ठिकाने सुरक्षित
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन तेल टर्मिनलों पर सीधे हमले से बचा है। इसकी वजह वैश्विक तेल संकट और कीमतों में उछाल का डर है। इस स्थिति का फायदा उठाकर ईरान ने अपने ऊर्जा ढांचे को चालू रखा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ को पूरी तरह खोलने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर ईरान के बिजली घरों को निशाना बनाया जा सकता है।
परमाणु खतरे को लेकर अमेरिका की चिंता
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अगर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ईरान आने वाले समय में परमाणु हथियार हासिल कर सकता है। यह मुद्दा वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे देश भी अमेरिका के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और मध्य पूर्व में स्थिरता लाने के प्रयासों में सहयोग दे रहे हैं।
इजराइल-लेबनान सीमा पर बढ़ी हलचल
इज़राइल की सेना ने लेबनान से जुड़े अहम कासमिया पुल को नष्ट कर दिया है। इसे संभावित जमीनी हमले की शुरुआत माना जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में तनाव और डर का माहौल बन गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और इजराइल की कार्रवाई के चलते पूरे मध्य पूर्व में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। दोनों पक्षों की धमकियों ने युद्ध की आशंका को और बढ़ा दिया है।

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