चंडीगढ़, 10 मार्च : पंजाब विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस ने विपक्ष को बोलने के लिए अतिरिक्त समय न दिए जाने के विरोध में सदन से वॉकआउट कर दिया। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा को निर्धारित समय से दो मिनट अधिक बोलने की अनुमति देने की बात कही। इसके बावजूद बाजवा और कांग्रेस के अन्य विधायक अधिक समय देने की मांग को लेकर स्पीकर की कुर्सी के सामने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद बहस के दौरान ही कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
‘मां-बहन सम्मान योजना’ के बकाये की उठाई मांग
इससे पहले बहस के दौरान प्रताप सिंह बाजवा ने ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के पिछले चार वर्षों के बकाये का मुद्दा उठाया। उन्होंने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं के पांच साल में करीब 60 हजार करोड़ रुपये बनते हैं, जबकि सरकार केवल 9,300 करोड़ रुपये ही दे रही है।
केजरीवाल के राजस्व दावों पर सवाल
बाजवा ने कहा कि चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल ने 54 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय के स्रोत पैदा करने की बात कही थी, लेकिन अब वह आय कहां है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में खनन से केवल 1,200 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता अभी तक जारी नहीं किया गया है। बजट में कर्मचारियों के लिए क्या प्रावधान किया गया है, यह भी स्पष्ट नहीं है। बाजवा ने आरोप लगाया कि राज्य के लगभग 7.5 लाख कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज किया गया है और पुरानी पेंशन योजना भी केवल नोटिफिकेशन तक ही सीमित है।
मेडिकल कॉलेज और नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
बाजवा ने कहा कि राज्य सरकार ने 16 मेडिकल कॉलेज बनाने का दावा किया था, लेकिन अभी तक एक भी कॉलेज वास्तविक रूप में शुरू नहीं हुआ। उन्होंने पंजाब में बढ़ते नशे के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि नशा अब घरों तक सामान की तरह पहुंच रहा है। प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा में ‘जीरो ऑवर’ को समाप्त किए जाने पर भी कड़ा विरोध जताया और कहा कि इससे जनहित के मुद्दे उठाने का महत्वपूर्ण मंच खत्म हो गया है।
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