चंडीगढ़/पंजाब, 27 मार्च : पंजाब में गुरुवार शाम से कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिलीं। जंगी तनाव और लॉकडाउन की अफवाहों के चलते लोगों में ईंधन की कमी का डर पैदा हो गया, जिससे अचानक मांग बढ़ गई। राज्य के माजहा और दोआबा क्षेत्रों में कई पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म होने की स्थिति बन गई। ग्रामीण इलाकों में किसान ड्रम लेकर तेल भरवाने पहुंचने लगे, जिससे खपत में अचानक बढ़ोतरी हुई।
खुले में तेल देने पर रोक
तेल कंपनियों ने जमाखोरी रोकने के लिए ड्रम और बोतलों में खुला तेल देने पर रोक लगा दी है। पंप मालिकों को सीमित आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। 1 अप्रैल से गेहूं की कटाई शुरू होने वाली है, जिससे डीजल की खपत और बढ़ने की संभावना है। इसी बीच कंपनियों द्वारा उधार तेल सप्लाई बंद करने से भी दबाव बढ़ा, हालांकि सरकारी दखल के बाद तीन दिन की उधारी फिर शुरू की गई है।
कई जिलों में दिखा असर
जालंधर, मोगा, अमृतसर और पटियाला समेत कई जिलों में देर रात तक लंबी कतारें लगी रहीं। संगरूर और होशियारपुर के कई पंप ड्राई हो गए। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और निर्मला सीतारमण ने लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह गलत बताया। साथ ही केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर तेल कंपनियों को राहत दी है। सरकार के स्पष्टीकरण और फैसलों के बाद हालात में सुधार देखने को मिला है। मालवा क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर अब स्थिति सामान्य होने लगी है और कतारें कम हो रही हैं।
जमाखोरी रोकने के लिए कदम
कई पंपों पर नोटिस लगा दिए गए हैं कि ड्रम या बोतलों में तेल नहीं दिया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करना और जमाखोरी पर रोक लगाना है।
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