नई दिल्ली, 21 जनवरी : समुद्री परिवहन की दुनिया में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल हुई है। दुनिया के सबसे बड़े बैटरी-इलेक्ट्रिक जहाज़ हुल 096 (Hul 096) के हार्बर ट्रायल ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में शुरू हो गए हैं। यह पहली बार है जब किसी इतने बड़े जहाज़ को पूरी तरह बैटरी पावर से संचालित किया गया है।
यह जहाज़ ऑस्ट्रेलिया की शिपबिल्डिंग कंपनी इंकैट तस्मानिया (Incat Tasmania) द्वारा तैयार किया गया है। लगभग 130 मीटर लंबा और करीब 260 टन वजनी यह जहाज़ होबार्ट में डेरवेंट नदी में परीक्षण के लिए लॉन्च किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी-इलेक्ट्रिक समुद्री जहाज़ है।
हार्बर ट्रायल के दौरान जहाज़ की गति, नियंत्रण प्रणाली और बैटरी सिस्टम की विस्तृत जांच की जा रही है।
दुनिया का सबसे शक्तिशाली बैटरी-इलेक्ट्रिक जहाज़
हुल 096 में 5,000 से अधिक बैटरियाँ लगी हुई हैं, जिनकी कुल क्षमता 40 मेगावॉट-घंटे (MWh) है। यह क्षमता अब तक किसी भी समुद्री जहाज़ में इस्तेमाल की गई बैटरी क्षमता से लगभग चार गुना अधिक है। यह जहाज़ पूरी तरह ज़ीरो-एमिशन है, यानी इससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता। यह एक साथ 2,100 यात्रियों और 225 वाहनों को ले जाने में सक्षम है।
इस अत्याधुनिक जहाज़ के निर्माण में लगभग दो वर्ष का समय लगा है। सफल परीक्षणों के बाद इसे व्यावसायिक सेवा में शामिल किया जाएगा, जिससे समुद्री यात्रा और अधिक पर्यावरण-अनुकूल बन सकेगी।

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