वाशिंगटन, 10 मार्च : पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही में बाधा डाली गई तो अमेरिका ईरान पर 20 गुना ताकत से हमला करेगा। दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे तो क्षेत्र से तेल की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा टकराव
ईरान के इस बयान से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। अगर यहां यातायात प्रभावित होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत
इस बीच बढ़ते वैश्विक तेल संकट के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की। पुतिन ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। साथ ही रूस ने ऊर्जा बाजार को स्थिर करने में सहयोग की इच्छा भी जताई।
ईरान से बातचीत को तैयार अमेरिका
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने दावा किया कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका से बातचीत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान तय नियमों और शर्तों के तहत बातचीत के लिए तैयार होता है तो अमेरिका भी बातचीत के लिए तैयार है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की रणनीतिक क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया है।
हालांकि, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि युद्ध कब खत्म होगा इसका फैसला तेहरान करेगा। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अपने हमले जारी रखता है तो तेल आपूर्ति को पूरी तरह रोकने का कदम उठाया जा सकता है।
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान तेल सप्लाई रोकने की कोशिश करता है तो अमेरिका आसानी से निशाना बन सकने वाली उसकी सुविधाओं पर हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना है, क्योंकि चीन समेत कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस मार्ग पर निर्भर हैं। रॉयटर्स के अनुसार ट्रंप प्रशासन बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कुछ देशों पर लगाई गई तेल संबंधी पाबंदियों को अस्थायी रूप से कम करने पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि कीमतों को कम रखने के लिए कुछ प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं।
यह भी देखें : मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर, ईरान-इज़राइल हमलों से बढ़ा संकट

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