February 4, 2026

बर्फीले हालात में बच्चे को 33 किलोमीटर कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया

बर्फीले हालात में बच्चे को 33 किलोमीटर...

चंबा, 31 जनवरी : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की दुर्गम पांगी घाटी में भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है। कई गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क कट चुका है, जबकि आपातकालीन सेवाएं भी भारी दबाव में हैं। बीमार बच्चे की पहचान 14 वर्षीय साहिल के रूप में हुई है, जो साहली पंचायत के अंतर्गत लियो गांव का निवासी है। साहिल के मुंह में गंभीर छाले हो गए थे, जिसके कारण वह न तो कुछ खा पा रहा था और न ही पानी पी पा रहा था।

ग्रामीणों ने दिखाई हिम्मत और एकजुटता

भारी बर्फबारी के चलते क्षेत्र की सभी सड़कें बंद थीं, जिस कारण साहिल को तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराना संभव नहीं हो सका। हालात से हार न मानते हुए गांववासियों ने साहिल को पीठ पर उठाकर पैदल ही कुथल ढांक तक पहुंचाया। वहां से उसे वाहन के माध्यम से साच ले जाया गया। साच से आगे बर्फ से ढके और अत्यंत खतरनाक रास्तों के कारण ग्रामीणों को साहिल को सिद्ध मंदिर क्षेत्र तक पैदल ही ले जाना पड़ा, जहां तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा था।

प्रशासन के हस्तक्षेप से मिली राहत

मामला जब रेजिडेंशियल कमिश्नर और उप मंडल मजिस्ट्रेट (पांगी) के संज्ञान में आया, तो लोक निर्माण विभाग (PWD) का वाहन किलाड़ से भेजा गया। इसके बाद साहिल को सुरक्षित रूप से सिविल अस्पताल किलाड़ पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पूरी पांगी घाटी में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। भारी बर्फबारी के कारण कई आंतरिक गांव अभी भी कटे हुए हैं।

बर्फ हटाने के प्रयास नाकाफी

PWD द्वारा बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि ये प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। दो दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सीमा सड़क संगठन (BRO) मुख्य मार्गों को पूरी तरह बहाल नहीं कर पाया है। स्थानीय निवासियों ने साच–सेचू सड़क और अन्य महत्वपूर्ण आंतरिक मार्गों पर युद्ध स्तर पर बर्फ हटाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में जान का गंभीर खतरा हो सकता है।

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