रियाद, 5 फरवरी : सऊदी अरब में एक बार फिर भारतीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर गुस्सा और नस्लीय टिप्पणियों का मामला सामने आया है। यह विवाद राजधानी रियाद में आयोजित एक बिजनेस एग्जिबिशन के दौरान हुआ, जहां एक भारतीय प्रदर्शक को उसके धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो क्लिप में एक सऊदी नागरिक भारतीय कंपनी के स्टॉल पर मौजूद कर्मचारियों से बहस करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो में वह कंपनी में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हिंदू होने को लेकर आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणियां करता है। सऊदी नागरिक यह सवाल उठाता नजर आता है कि कंपनी में एक भी मुस्लिम कर्मचारी क्यों नहीं है।
इस वीडियो को यूएई के विशेषज्ञ अमजद ताहा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो हालिया घटना का है या किसी पुराने मामले से जुड़ा हुआ है।
यूएई एनालिस्ट ने उठाया सवाल
यूएई के पॉलिटिकल एनालिस्ट अमजद ताहा ने एक्स पर इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे खुला नस्लवाद बताया है और सऊदी लोगों के बर्ताव की आलोचना की है। ताहा ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘एक सऊदी नागरिक एक भारतीय के हिंदू होने और रियाद एग्जिबिशन में स्टैंड लगाने के लिए कमेंट कर रहा है। उसे धमकाते हुए ताना मार रहा है।’
अमजद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एक सऊदी व्यक्ति ने उससे यह सवाल किया कि उसकी कंपनी में एक भी मुसलमान क्यों नहीं है। उन्होंने इसे अज्ञानता का एक उदाहरण मानते हुए कहा कि यह गरिमा, आस्था और स्वतंत्र व्यापार पर सीधा हमला है। भारत एक समृद्ध और महान सभ्यता है, और इस पर इस तरह के हमले उचित नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापार का संबंध धार्मिक आस्थाओं से नहीं होना चाहिए, क्योंकि आधुनिक समाज में आस्था की निगरानी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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