जालंधर/कपूरथला, 5 फरवरी : कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब सरकार पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। खैरा का कहना है कि राज्य सरकार मुख्य सचिव के कार्यालय के माध्यम से मतदाताओं का निजी और संवेदनशील डेटा एकत्र कर रही है, जो निजता के अधिकार और प्रशासनिक निष्पक्षता का उल्लंघन है।
खैरा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी सरकार मुख्य सचिव पर तथाकथित “जाति और नशा जनगणना” शुरू करने का दबाव बना रही है। इस सर्वे के दौरान नागरिकों से 127 निजी सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति, धर्म और डेरा जाने जैसी संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं।
2027 चुनावों के लिए राजनीतिक डेटाबेस बनाने का आरोप
खैरा के अनुसार यह डेटा 2027 की पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र राजनीतिक डेटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से जुटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सर्वे के लिए मालवा, दोआबा और माझा क्षेत्रों के कुछ गांवों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है। खैरा ने आशंका जताई कि पायलट प्रोजेक्ट को आगे चलकर पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है, जिससे सत्तारूढ़ पार्टी चुनावों से पहले मतदाताओं की विस्तृत राजनीतिक प्रोफाइल तैयार कर सकेगी।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
कांग्रेस विधायक ने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह सरकारी खजाने और सिविल सेवाओं के दुरुपयोग का गंभीर मामला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नौकरशाही को राजनीतिक रूप से प्रेरित डेटा संग्रह के लिए मजबूर करना प्रशासनिक व्यवस्था और जनविश्वास को कमजोर करता है।
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