नई दिल्ली, 12 अप्रैल: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। इस विफलता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका “ईरान का जो कुछ भी बचा है, उसे खत्म कर देगा।”
1979 के बाद सबसे अहम वार्ता रही बेनतीजा
यह बातचीत Iranian Revolution के बाद दोनों देशों के बीच सबसे उच्च स्तर की मानी जा रही थी। हालांकि, रविवार को यह बिना किसी ठोस परिणाम के खत्म हो गई, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वार्ता विफल होने के बाद वैश्विक नेताओं ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत का रास्ता छोड़ा गया, तो क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों पर शांति बनाए रखने का दबाव बना रहा है।
अमेरिका का दावा: अंतिम प्रस्ताव दिया गया
अमेरिका के उपराष्ट्रपति J. D. Vance, जो इस वार्ता में शामिल थे, बैठक खत्म होने के बाद पाकिस्तान से लौट गए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अपनी “अंतिम और सबसे बेहतर पेशकश” दी थी। वेंस के अनुसार, अमेरिका बातचीत के जरिए समाधान चाहता था, लेकिन फिलहाल यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
हालांकि अभी तक किसी नए हमले की खबर नहीं है, लेकिन क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह दोनों देशों के अगले कदम पर निर्भर करेगा।

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