चंडीगढ़, 5 दिसम्बर : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना की इंटरनेट मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी, जिन्हें कमल भाभी के नाम से जाना जाता था, की हत्या के मामले में सुनवाई की है। कंचन हत्याकांड के आरोपी अमृतपाल मेहरों को भगाने में मदद करने के आरोपों का सामना कर रहे रणजीत सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
जस्टिस सुमित गोयल ने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप सामान्य नहीं हैं और वे स्पष्ट भी हैं। इसलिए जांच के इस शुरुआती चरण में किसी भी तरह की राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट के अनुसार, इस मामले में रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है, जिससे यह कहा जा सके कि याचिकाकर्ता के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता। उसे अग्रिम जमानत देने से निष्पक्ष जांच में बाधा आएगी।
पार्किंग में खड़ी कार से बरामद हुआ था शव
गौरतलब है कि 27 वर्षीय कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी का शव 11 जून को बठिंडा की एक पार्किंग में खड़ी कार से बरामद हुआ था। शुरुआत में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में शिकायतकर्ता ने अपना बयान बदलकर जसप्रीत सिंह, निर्मलजीत सिंह और अमृतपाल मेहरून का नाम लिया। पुलिस ने 13 जून को जसप्रीत और निर्मलजीत को गिरफ्तार किया। इन सह-आरोपियों से पूछताछ के बाद रंजीत सिंह का नाम सामने आया।
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