चंडीगढ़, 23 अप्रैल : पंजाब के Ludhiana में एक बड़े साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसमें उद्योगपति जगदीप सिंघल को लगभग 19.84 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह मामला राज्य के सबसे बड़े क्रिप्टो घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि ठगों ने 15 अलग-अलग बैंकों के 76 फर्जी (म्यूल) खातों का इस्तेमाल किया। इन खातों के जरिए महज 9 महीनों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित और संगठित तरीके से संचालित किया गया।
साइबर अपराधियों ने कई बड़े बैंकों का इस्तेमाल किया, जिनमें प्रमुख हैं IDFC First Bank, ICICI Bank, Bank of Baroda, Axis Bank, Bandhan Bank इनके अलावा अन्य बैंकों के खातों का भी उपयोग किया गया, जिससे इस धोखाधड़ी की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से फंसाया
ठगों ने एक फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग वेबसाइट और डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया। इसमें पीड़ित को रोजाना भारी मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि वह अधिक निवेश करता रहे। सिंघल को सबसे पहले Facebook के जरिए आकर्षक निवेश ऑफर मिला। इसके बाद WhatsApp पर ‘अनामिका रॉय’ नाम की महिला ने संपर्क किया, जिसने खुद को क्रिप्टो एक्सचेंज की प्रतिनिधि बताया और भरोसा जीत लिया।
1 लाख से शुरू, करोड़ों तक पहुंची ठगी
- 15 मई 2025: शुरुआती निवेश – 1 लाख रुपये
- फर्जी प्लेटफॉर्म पर दिखाया गया बैलेंस – 36 करोड़ रुपये (4.3 मिलियन डॉलर)
- 17–20 नवंबर 2025: सिर्फ 4 दिनों में 5 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर
- जांच में यह भी सामने आया है कि यह तरीका पिछले साल रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल के साथ हुई 8.10 करोड़ रुपये की ठगी से काफी मिलता-जुलता है। इससे संकेत मिलता है कि एक संगठित गिरोह सक्रिय है।
पुलिस जांच जारी
मामले की जांच पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन द्वारा की जा रही है। पुलिस विभिन्न राज्यों—दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब और बेंगलुरु—में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

More Stories
Punjab SIR: पंजाब में SIR 2026 के लिए 25 जून से घर-घर गणना होगी शुरू
अमृतसर में मनोहर लाल खट्टर का बड़ा बयान, बोले- 2027 में पंजाब में BJP बनेगी सरकार
मोगा पुलिस को बड़ी सफलता, 1 किलो हेरोइन के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार