मानसा, 18 फरवरी : आधी रात के बाद अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला। दिन चढ़ते ही हल्की बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। मौसम के इस बदले मिजाज के कारण पिछले कई दिनों से दिन में महसूस की जा रही गर्मी के दोबारा ठंड में बदलने की उम्मीद बन गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने इन हल्की बारिश की फुहारों को फसलों के लिए लाभकारी बताया है, जबकि तेज हवाओं और आंधी को पकने की ओर बढ़ रही हाड़ी (रबी) की फसलों के लिए आंशिक खतरे की घंटी करार दिया है।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के बठिंडा स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. जी.एस. रोमाणा ने बताया कि अगले दो दिनों तक मानसा, बठिंडा और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। उन्होंने किसानों को सभी फसलों में दो-तीन दिन तक सिंचाई न करने की सलाह दी है।
किसानों की चिंता
किसानों का कहना है कि अगैती और भारी किस्म की गेहूं तथा पक रही सरसों की फसल तेज हवाओं के कारण कई बार झुक जाती है। इससे जड़ों के हिलने का खतरा रहता है, जिसका बाद में फसल की पैदावार (उपज) पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
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