April 4, 2026

भारत को बड़ी राहत: होरमुज़ से निकले 8 भारतीय जहाज, चीन के टैंकर फंसे

भारत को बड़ी राहत: होरमुज़ से निकले...

नई दिल्ली, 4 अप्रैल : पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होरमुज़ जलडमरूमध्य से कम से कम 8 भारतीय जहाज सुरक्षित निकलने में सफल रहे हैं। इनमें से 7 जहाज पहले ही पार कर चुके थे, जबकि ‘ग्रीन सानवी’ नाम का एक और जहाज शनिवार को इस संवेदनशील मार्ग से बाहर निकल गया।

विभिन्न एजेंसियों के अनुसार, इस समय करीब 300 जहाज (ज्यादातर पेट्रोलियम टैंकर) होरमुज़ क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या चीन के जहाजों की बताई जा रही है, जो लगभग 60-70 के बीच है। इसके विपरीत, ईरान के सहयोग से अधिकांश भारतीय जहाज सुरक्षित रास्ता निकालने में सफल रहे हैं।

एलपीजी सप्लाई को मिली राहत

इन जहाजों का भारत पहुंचना देश के लिए किसी राहत से कम नहीं है, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते भारत एलपीजी संकट का सामना कर रहा था। शिपमेंट के जरिए कुल 2.79 लाख टन से ज्यादा एलपीजी और कच्चा तेल भारत पहुंचा है।

यह मात्रा देश की लगभग 2-3 दिनों की कुल एलपीजी खपत (करीब 1 लाख टन प्रतिदिन) को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। यह सप्लाई मुंद्रा, कांडला, मुंबई और न्यू मैंगलोर जैसे प्रमुख बंदरगाहों तक पहुंचाई गई।

आने वाले दिनों में और राहत की उम्मीद

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अभी भी लगभग 14 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जो धीरे-धीरे होरमुज़ से बाहर निकल सकते हैं। ओमान तट के सहारे एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग अपनाने की संभावना भी बढ़ रही है, जिससे फंसे जहाजों को निकालना आसान हो सकता है।

चीन और पाकिस्तान को मुश्किलें

जहां भारत ने अपने जहाजों को सुरक्षित निकाल लिया है, वहीं चीन के कई टैंकर अब भी फंसे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अब तक केवल कुछ ही जहाजों को निकाल पाया है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके 20 जहाजों को ईरान ने पारगमन की अनुमति दे दी है, हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल केवल दो पाकिस्तानी जहाज कराची पहुंच पाए हैं।

निष्कर्ष

मौजूदा संकट के बीच भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक क्षमता ने एक बार फिर अपनी मजबूती दिखाई है। हालांकि होरमुज़ क्षेत्र में स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, लेकिन भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण राहत का संकेत है।