चंडीगढ़, 27 अप्रैल : शिरोमणि अकाली दल ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार राज्य में हो रही 8 से 10 घंटे की बिजली कटौती के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। अकाली दल के वरिष्ठ नेता Daljit Singh Cheema ने कहा कि सरकार न तो अल्पकालिक बिजली खरीद समझौते कर सकी और न ही पहाड़ी राज्यों से समय पर बिजली खरीदने के लिए बिजली एक्सचेंज में करार कर पाई।
उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि पंजाब में उस समय बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जब कृषि क्षेत्र में बिजली की ज्यादा मांग भी नहीं है। उनके मुताबिक यह साफ तौर पर कुप्रबंधन का मामला है।
बिजली मंत्री पर साधा निशाना
डॉ. चीमा ने बिजली मंत्री Sanjeev Arora पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बहाने बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री रखरखाव और अपग्रेडेशन का हवाला दे रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि तलवंडी साबो प्लांट दोबारा चालू हो चुका है और रोपड़ प्लांट का सिर्फ एक यूनिट ही बंद है। चीमा ने कहा कि PSPCL अल्पकालिक बिजली खरीद समझौते करने में विफल रही है, जबकि पहले ही चेतावनी दी गई थी कि गर्मी का मौसम जल्दी शुरू हो सकता है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों से होने वाले बिजली खरीद समझौतों में भी देरी हुई है, जो अब 1 मई से लागू होंगे।
फंड की कमी से बढ़ी समस्या
अकाली नेता ने कहा कि सरकार के पास फंड की कमी के कारण बिजली खरीद नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मुफ्त बिजली सब्सिडी की राशि अभी तक जारी नहीं की, जिससे PSPCL को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. चीमा ने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann से मामले में तुरंत दखल देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं, खासकर जब किसानों के ट्यूबवेल चलने शुरू होंगे।
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