April 10, 2026

मिशन समर्थ 4.0 लॉन्च: पंजाब शिक्षा सुधारों में अगला बड़ा कदम

मिशन समर्थ 4.0 लॉन्च: पंजाब शिक्षा...

चंडीगढ़, 10 अप्रैल : पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को नई दिशा देते हुए मिशन समर्थ 2026-27 के तहत ‘मिशन समर्थ 4.0’ की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को वैश्विक स्तर की उत्कृष्टता तक पहुंचाना और क्लासरूम में जवाबदेही को मजबूत करना है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने शिक्षकों द्वारा अपनाए गए 38 बेहतरीन क्लासरूम अभ्यासों का संग्रह भी जारी किया, जो शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में मदद करेंगे।

उपस्थिति ट्रैकिंग से बढ़ेगी जवाबदेही

मिशन समर्थ 4.0 के तहत एक आधुनिक उपस्थिति ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें:

  • अभिभावकों को रोजाना SMS के जरिए बच्चों की उपस्थिति की जानकारी मिलेगी
  • स्कूलों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ेगी
  • छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी

‘परख’ में शीर्ष स्थान के बाद नई उड़ान

शिक्षा मंत्री ने बताया कि पंजाब पहले ही परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में देश में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है। अब राज्य का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है। भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शिक्षा बजट बढ़ाकर ₹19,279 करोड़ किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फंड सीधे स्कूलों और क्लासरूम तक पहुंचे और बुनियादी ढांचे में सुधार हो।

बैंस ने बताया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे नए और प्रभावी शिक्षण तरीकों को पंजाब के क्लासरूम में लागू कर सकें।

“हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी”

मनीष सिसोदिया ने कहा कि यदि एक भी बच्चा शिक्षा में पीछे रह जाता है, तो सरकार अपने मूल कर्तव्य में असफल मानी जाएगी। सरकार का दावा है कि लगातार सुधारों के चलते पंजाब के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षा के परिणामों तक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मिशन समर्थ 4.0 इसी दिशा में एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।