नई दिल्ली, 25 जनवरी : अमेरिका में शनिवार, 24 जनवरी को आए भीषण बर्फीले तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। देशभर में परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है, बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और इस प्राकृतिक आपदा का असर अमेरिका की लगभग 40 प्रतिशत आबादी पर पड़ा है।
12 राज्यों में आपातकाल, 40% आबादी प्रभावित
अमेरिकी मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से सोमवार तक दक्षिणी रॉकी पर्वतों से लेकर न्यू इंग्लैंड तक भारी बर्फबारी, ओलावृष्टि और जमाव वाली बारिश की संभावना है। लोगों को कई दिनों तक कड़ाके की ठंड झेलने की चेतावनी दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तक कम-से-कम एक दर्जन राज्यों में आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दे दी है। प्रशासन का कहना है कि हालात बिगड़ने पर और राज्यों में भी आपातकाल घोषित किया जा सकता है।
FEMA की तैनाती, राहत और बचाव कार्य तेज
होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) ने कई राज्यों में पहले से ही राहत सामग्री, स्टाफ और खोज व बचाव दल तैनात कर दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस तूफान से होने वाला नुकसान किसी बड़े हरिकेन जितना घातक हो सकता है। शनिवार को भारी बर्फबारी के कारण करीब 1,20,000 घरों की बिजली गुल हो गई, जिनमें टेक्सास और लुइसियाना सबसे अधिक प्रभावित रहे।
मौसम वैज्ञानिक एलिसन सैंटोरली ने कहा, “बर्फ की मात्रा बहुत ज्यादा है और यह धीरे-धीरे पिघलेगी। इतनी अधिक बर्फ के कारण राहत और बचाव कार्यों में भी गंभीर बाधाएं आ रही हैं।”
हवाई यातायात ठप, 13,000 से अधिक उड़ानें रद्द
तूफान का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। अब तक 13,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं और यात्रा योजनाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
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