April 4, 2026

एससी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति घोटाले में रिकॉर्ड नहीं मिला

एससी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति घोटाले...

मालेरकोटला, 13 फरवरी : संत अतर सिंह खालसा कॉलेज, संधौड़ में पढ़ रहे एससी विद्यार्थियों की लाखों रुपये की कथित छात्रवृत्ति राशि घोटाले के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को भी संबंधित रिकॉर्ड हासिल नहीं हो सका है। यह एसआईटी डिप्टी कमिश्नर मालेरकोटला के आदेशों पर एसडीएम अहमदगढ़ द्वारा गठित की गई थी।इससे पहले पंजाब राज्य एससी आयोग और मालेरकोटला पुलिस (एसएसपी स्तर की जांच) भी छात्रवृत्ति राशि से जुड़े वित्तीय लेनदेन का स्पष्ट ब्योरा हासिल करने में सफल नहीं हो सकीं।

चार सदस्यीय एसआईटी का गठन

जानकारी के अनुसार 9 मई 2025 को एसडीएम अहमदगढ़ द्वारा सरकारी बीएड कॉलेज मालेरकोटला के प्रिंसिपल डॉ. इरफान फारूकी की अगुवाई में चार सदस्यीय एसआईटी गठित की गई थी। टीम में सरकारी कॉलेज मालेरकोटला की प्रो. अरविंदर कौर मंड, सरकारी कॉलेज अमरगढ़ के डॉ. तेजिंदर सिंह और डॉ. अमनदीप बातिश शामिल थे।

एसआईटी ने अलग-अलग समय पर कॉलेज के वर्तमान प्रिंसिपल, पूर्व प्रिंसिपल और प्रबंधकों को संबंधित रिकॉर्ड सहित तलब किया, लेकिन कुछ सीमित दस्तावेजों के अलावा कोई ठोस रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया।

क्लर्क की शिकायत से खुला मामला

मामला तब सामने आया जब कॉलेज में क्लर्क-कम-कैशियर रहे निलंबित कर्मचारी हाकम सिंह ने संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी विद्यार्थियों से प्रवेश के समय ली गई फीस, सरकार द्वारा छात्रवृत्ति राशि जारी होने के बावजूद वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत मांगी गई जानकारी भी कॉलेज प्रबंधन ने उपलब्ध नहीं करवाई। उनका आरोप है कि 522 एससी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लाखों रुपये कथित तौर पर गबन कर लिए गए हैं।

जांच आगे बढ़ाने की सिफारिश

हाकम सिंह का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ने छात्रवृत्ति राशि का सारा जिम्मा सेवानिवृत्त प्रिंसिपल पर डाल दिया है और स्वयं अनभिज्ञता जता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो एसआईटी के समक्ष पूरा रिकॉर्ड पेश किया जा रहा है और न ही आरटीआई के तहत जानकारी दी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने भी इस जांच में कठिनाई जताते हुए मामले की विस्तृत पड़ताल के लिए छात्रवृत्ति विभाग से जुड़े अधिकारियों की अलग कमेटी गठित करने की सिफारिश की है। मामला अब उच्च स्तर की जांच की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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