January 8, 2026

फिल्म ‘120 बहादुर’ की रिलीज पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का केंद्र सरकार को आदेश

फिल्म '120 बहादुर' की रिलीज पर पंजाब एवं...

चंडीगढ़, 18 नवंबर : फीचर फिल्म ‘120 बहादुर’ की रिलीज को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र को याचिकाकर्ता की मांग पर दो दिन के भीतर फैसला लेने का आदेश दिया है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में 18 नवंबर, 1962 को भारत-चीन युद्ध के दौरान लड़ी गई रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई को दर्शाया गया है। याचिका के अनुसार, लद्दाख के चुशुल सेक्टर में 18,000 फीट की ऊँचाई पर लड़ी गई इस लड़ाई में 13 कमांडो रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के 120 में से 114 सैनिक शहीद हो गए थे। याचिकाकर्ता ने रक्षा मंत्री के 1992 के आधिकारिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा है कि इस लड़ाई को सामूहिक वीरता का एक अनूठा उदाहरण माना जाता है।

फिल्म ‘120 बहादुर’ की रिलीज पर निर्णय लेने के लिए दो दिन का समय दिया गया है।

संयुक्त अहीर रेजिमेंट मोर्चा और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका में अदालत से इस आधार पर हस्तक्षेप करने की मांग की गई है कि यह मामला ‘सामूहिक सम्मान, ऐतिहासिक सत्य और रेजिमेंट के गौरव’ की रक्षा से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, फिल्म में 13 कमांडो रेजिमेंट की ‘सी कंपनी’ द्वारा लड़ी गई लड़ाई को गलत तरीके से दर्शाया गया है।

याचिकाकर्ताओं का मुख्य आरोप यह है कि फिल्म में मेजर शैतान सिंह, परमवीर चक्र को अकेले नायक के रूप में चित्रित किया गया है और उनका नाम बदलकर ‘भाटी’ कर दिया गया है, जो ‘सामूहिक पहचान, रेजिमेंटल गौरव और सामुदायिक योगदान’ को नष्ट करने का प्रयास है।

याचिका में कहा गया है कि फिल्म का फिल्मांकन सिनेमैटोग्राफ अधिनियम और उसके दिशानिर्देशों का उल्लंघन है, जो इतिहास के गलत चित्रण पर रोक लगाते हैं। इसमें भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 356 का भी उल्लेख है, जो मृत व्यक्तियों के बारे में आपत्तिजनक आरोप लगाने पर रोक लगाती है।

याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि फिल्म को दिया गया प्रमाणपत्र रद्द किया जाए और फिल्म का नाम बदलकर “120 वीर अहीर” कर दिया जाए। इसके अलावा, यह भी घोषित किया जाए कि फिल्म पूरी तरह से काल्पनिक है और वास्तविक घटनाओं पर आधारित नहीं है।