चंडीगढ़, 16 फरवरी : पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सीबीआई द्वारा गिरफ्तार पूर्व डीआईजी Harcharan Singh Bhullar की जमानत याचिका खारिज कर दी है। भुल्लर इस समय रिश्वतखोरी के आरोप में जेल में बंद हैं। हालांकि आय से अधिक संपत्ति मामले में निचली अदालत से उन्हें पहले जमानत मिल चुकी है। जानकारी के अनुसार भुल्लर फिलहाल चंडीगढ़ जेल में बंद हैं।
उन्होंने रिश्वत मामले में हाईकोर्ट से जमानत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। सीबीआई का कहना है कि यदि उन्हें जमानत दी जाती है तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
छापेमारी में करोड़ों की नकदी और सोना बरामद
सीबीआई के अनुसार भुल्लर के घर और अन्य ठिकानों से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद और ढाई किलो सोना बरामद किया गया था। प्रारंभिक जानकारी में एजेंसी ने पांच करोड़ रुपये और डेढ़ किलो सोना मिलने की बात कही थी। भुल्लर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
सीबीआई ने चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित उनकी कोठी पर छापा मारकर बीएमडब्ल्यू और ऑडी कारों की चाबियां, पंजाब में विभिन्न संपत्तियों के दस्तावेज, समराला में एक फार्महाउस, 22 लग्जरी घड़ियां, 40 लीटर विदेशी शराब, एक डबल बैरल बंदूक, पिस्तौल, रिवॉल्वर, एयरगन और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया था।
स्क्रैप डीलर की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी
सीबीआई ने भुल्लर को मोहाली स्थित उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी नरेश बत्ता की शिकायत के आधार पर की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भुल्लर ने एक एफआईआर के निपटारे के बदले 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह राशि कथित तौर पर एक बिचौलिए कृष्णु के जरिए मांगी गई थी, जिसे सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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