April 23, 2026

पंजाब में बिजली संकट और मुख्यमंत्री विदेशों की सैर कर रहे हैं : सुखजिंदर रंधावा

पंजाब में बिजली संकट और मुख्यमंत्री विदेशों की सैर...

चंडीगढ़, 23 अप्रैल : सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री यूरोप दौरे पर जाकर औद्योगिक निवेश लाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं राज्य में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। रंधावा ने कहा कि पूरे पंजाब में लगातार बिजली कटौती और अस्थिर सप्लाई के कारण आम जनजीवन और आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि उद्योगों को उत्पादन में बाधा, मशीनों को नुकसान और कामकाज में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

निवेश आकर्षित करने पर उठे सवाल

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब मौजूदा उद्योग ही बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, तो नए निवेशकों को कैसे आकर्षित किया जा सकता है। उनके मुताबिक, निरंतर बिजली सप्लाई किसी भी औद्योगिक विकास की सबसे बुनियादी जरूरत होती है। रंधावा ने कहा कि जहां सरकार विदेशों में पंजाब को निवेश के लिए बेहतर राज्य के रूप में पेश कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने इसे सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर बताया।

वोल्टेज समस्या और सूचना की कमी से बढ़ी परेशानी

उन्होंने बताया कि राज्य के कई हिस्सों से रिपोर्ट मिली है कि वोल्टेज के उतार-चढ़ाव, अचानक बिजली बंद होने और पहले से सूचना न मिलने के कारण व्यापारिक भरोसा कमजोर हुआ है और उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा है। रंधावा ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति संभावित निवेशकों को गलत संदेश देती है। उन्होंने कहा कि कोई भी गंभीर निवेशक उस राज्य में निवेश नहीं करेगा, जहां बुनियादी सुविधाओं की गारंटी नहीं हो।

पहले राज्य में सुधार, फिर विदेशों में प्रचार

सांसद ने सरकार से बिजली ढांचे को मजबूत करने, प्रबंधन में पारदर्शिता लाने और मौजूदा संकट के समाधान के लिए स्पष्ट रोडमैप पेश करने की मांग की है। उन्होंने Punjab State Power Corporation Limited (पावरकॉम) से मांग की कि वह मौजूदा बिजली स्थिति, मांग और आपूर्ति के अंतर तथा निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी करे। रंधावा ने कहा कि निवेश केवल विदेशी दौरों और प्रस्तुतियों से नहीं आता, बल्कि मजबूत बुनियादी ढांचे, पारदर्शी सिस्टम और बेहतर शासन से आता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े वादे करने से पहले राज्य के भीतर बुनियादी सेवाओं को स्थिर किया जाए।

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