जालंधर, 21 जनवरी : गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए पंजाब का पहला जीएसटी ट्रिब्यूनल बुधवार को जालंधर में शुरू होने जा रहा है। ट्रिब्यूनल के खुलने से टैक्सदाताओं को अब अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और विवादों का निपटारा एक ही मंच पर हो सकेगा।
टैक्स विवादों के लिए अदालत जाने की जरूरत नहीं
अब तक टैक्स से संबंधित शिकायत होने पर टैक्सदाता को पहले विभागीय अधिकारियों के पास आवेदन देना पड़ता था। वहां समाधान न होने की स्थिति में अदालत का रुख करना पड़ता था। ट्रिब्यूनल के गठन के बाद अपील दाखिल करने के पश्चात अदालत जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। जालंधर के लाडोवाली रोड स्थित भूमि एवं जल संरक्षण विभाग के कार्यालय की दूसरी मंजिल पर जीएसटी ट्रिब्यूनल का दफ्तर बनाया गया है। बुधवार को औपचारिक उद्घाटन के बाद ट्रिब्यूनल डेस्क काम करना शुरू कर देगा। फिलहाल कार्यालय में रिनोवेशन का कार्य जारी है।
जीएसटी ई-पोर्टल के साथ मिलेगा सीधा मंच
जीएसटी से जुड़ी शिकायतों के लिए ई-पोर्टल पहले से ही कार्यरत है, लेकिन ट्रिब्यूनल बेंच बनने से शिकायतकर्ता सीधे संपर्क कर सकेंगे। पहले शिकायतें विभाग में दी जाती थीं और समाधान न होने पर अदालत में अपील करनी पड़ती थी। जीएसटी रिफंड न मिलने, गलत असेसमेंट से हुए नुकसान, इनपुट टैक्स क्रेडिट, पेनल्टी या विभाग की किसी मांग से जुड़े मामलों में टैक्सदाता ट्रिब्यूनल का रुख कर सकता है। विभाग के फैसले के 30 दिनों के भीतर अपील दाखिल करना अनिवार्य होगा, जिसमें संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य संलग्न करने होंगे।
जालंधर से ही करीब 150 शिकायतें लंबित
जालंधर जिले में जीएसटी से जुड़ी करीब 150 शिकायतें चल रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूरे पंजाब में टैक्स से संबंधित लगभग 1300 से 1400 शिकायतें हैं। कुछ मामले विभागीय अथॉरिटी के पास हैं, जबकि कुछ अदालतों में विचाराधीन हैं। ट्रिब्यूनल बेंच बनने के बाद इन सभी मामलों की सुनवाई जालंधर में ही होगी।
हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज करेंगे अध्यक्षता
ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज करेंगे। इसके साथ जीएसटी विभाग का एक तकनीकी अधिकारी और एक सेवानिवृत्त नौकरशाह सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह पीठ पहली अथॉरिटी के फैसले से असंतुष्ट टैक्सदाताओं की सुनवाई करेगी। ट्रिब्यूनल की स्थापना से राज्य में लंबित एक हजार से अधिक जीएसटी मामलों के तेज़ी से निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे टैक्सदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
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