गुड़गांव, 31 मार्च : हरियाणा से दिल्ली जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को प्रतिदिन गुरुग्राम से दिल्ली की ओर बढ़ते समय शंकर चौक के भीषण जाम का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए एक नया योजना तैयार की गई है, जिसके तहत शंकर चौक पर भी सरहौल बॉर्डर की तरह अलग-अलग लेनों में ट्रैफिक का संचालन किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने इस योजना को अंतिम रूप दे दिया है और अप्रैल में इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
सबसे बड़ा ब्लैकस्पॉट शंकर चौक
दिल्ली-जयपुर हाइवे पर शंकर चौक शहर का सबसे बड़ा ब्लैक स्पॉट है। यहां हर साल 15 से अधिक हादसे होते हैं। चार से पांच लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल होते हैं। यहां सब-वे शुरू हो चुका है। एक फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाया जा रहा है। इससे काफी राहत मिलेगी,
प्रारंभ में कुछ दिनों तक ट्रायल किया जाएगा, जिसके बाद यहां स्थायी रूप से अलग-अलग लेन का निर्माण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गुड़गांव-दिल्ली के सरहौल बॉर्डर पर इस प्रयोग को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है, जहां अब ट्रैफिक अलग-अलग लेनों में चलता है। इस क्षेत्र में प्रतिदिन तीन लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस नई योजना से शंकर चौक पर भी ट्रैफिक की स्थिति में सुधार होगा।
पहले भी बने हैं ट्रैफिक प्लान
शंकर चौक पर जाम की समस्या को हल करने के लिए पहले भी कई योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन वे पूरी तरह से सफल नहीं हो पाईं। पहले साइबर हब की दिशा में दो यू-टर्न खोले गए थे, साथ ही दिल्ली की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए भी दो यू-टर्न खोले गए थे। उद्योग विहार से गुड़गांव की ओर आने वाले वाहनों को शंकर चौक फ्लाईओवर के अंतिम कट से पहले निकाला गया, लेकिन यहां मॉल की दिशा से आने वाले ट्रैफिक के साथ मिलकर यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
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