चंडीगढ़, 31 मार्च : आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने साल 2013 के एक मामले में दिए गए दोषी ठहराने के फैसले को रद्द करते हुए उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने पक्षों के बीच हुए समझौते को स्वीकार करते हुए 2025 में सुनाए गए सजा के फैसले को भी निरस्त कर दिया। साथ ही 4 मार्च 2013 को थाना सिटी तरनतारन में दर्ज एफआईआर नंबर 69 को भी रद्द कर दिया गया।
इन धाराओं के तहत दर्ज था मामला
यह मामला आईपीसी की धाराओं 323, 354, 506, 148, 149 और एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया था, जिसे अब अदालत ने पूरी तरह खत्म कर दिया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने की। उन्होंने 10 सितंबर 2025 के दोषी ठहराने वाले फैसले और 12 व 22 सितंबर 2025 के सजा आदेशों को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच 4 फरवरी 2026 को हुआ समझौता पूरी तरह स्वेच्छा से और बिना किसी दबाव के किया गया था। इसकी पुष्टि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तरनतारन की रिपोर्ट से भी हुई।
सरकार और शिकायतकर्ता को नहीं आपत्ति
सरकारी वकील और शिकायतकर्ता दोनों ने समझौते को स्वीकार किया और एफआईआर रद्द करने व सजा खत्म करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। हाई कोर्ट ने मामले को निजी प्रकृति का बताते हुए कहा कि यह कोई जघन्य अपराध नहीं है और इसे समाज के खिलाफ अपराध नहीं माना जा सकता।

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