रियाद/दोहा, 14 फरवरी : सऊदी अरब और कतर ने क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रियाद और दोहा के बीच हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक रेल लिंक परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस समझौते पर मोहम्मद बिन सलमान और शेख तमीम बिन हमद अल थानी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेन 300 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से दौड़ेगी।
785 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन रियाद और दोहा के बीच यात्रा समय को घटाकर लगभग 2 घंटे कर देगी, जबकि पहले यह सफर कई घंटों में पूरा होता था। रेल मार्ग अल-होफुफ और दम्माम जैसे शहरों से होकर गुजरेगा। यह ट्रेन रियाद के किंग सलमान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दोहा के हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सीधे जोड़ेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
यह परियोजना केवल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त फायदा होने की उम्मीद है।
- राजस्व में बढ़ोतरी: अनुमान है कि इस रेल लिंक से दोनों देशों की जीडीपी में करीब 115 बिलियन सऊदी रियाल (लगभग 30.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का अतिरिक्त योगदान होगा।
- रोजगार के अवसर: परियोजना के चलते 30,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।
- पर्यटन को लाभ: हर साल 1 करोड़ (10 मिलियन) से अधिक यात्री इस ट्रेन सेवा का उपयोग कर सकते हैं, जिससे पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
क्षेत्रीय एकता की दिशा में ऐतिहासिक कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, यह हाई-स्पीड रेल परियोजना खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय एकता को नई दिशा देगी। इससे व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा, जो भविष्य में व्यापक क्षेत्रीय विकास का आधार बनेगा।
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