नई दिल्ली, 15 जनवरी : उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में इस सर्दी अब तक बेहद कम या लगभग न के बराबर बर्फबारी दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 के दौरान पहाड़ों में सामान्य से काफी कम बारिश और बर्फ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र शुष्क बना रहा। जनवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में भी हालात में ज्यादा सुधार नहीं हुआ, लेकिन अब मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
दिसंबर में 90% से ज्यादा कम रही बारिश-बर्फबारी
स्काईमेट वेदर के अनुसार, दिसंबर 2025 में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी सामान्य से 90 प्रतिशत से अधिक कम रही। उत्तराखंड सहित कई इलाकों में लगभग कोई बर्फबारी नहीं हुई। लंबे समय तक बर्फ न गिरने के कारण पहाड़ों में ठंड तो महसूस हुई, लेकिन पूरी तरह सर्दियों जैसे हालात नहीं बन पाए।
कब और कहां होगी बर्फबारी?
मौसम एजेंसियों के अनुसार, 16 जनवरी 2026 से पहाड़ी राज्यों में मौसम बदलने की संभावना है।
- 16 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने की उम्मीद है।
- इसके प्रभाव से 12,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।
इसके बाद 19 जनवरी को एक और, पहले से ज्यादा शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। इससे बर्फबारी का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं।
21 जनवरी के बाद बर्फबारी में लगातार बढ़ोतरी के आसार हैं और इसका असर 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के आसपास तक बना रह सकता है।
मैदानी इलाकों में शीतलहर का कहर
मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड बेहद तीव्र बनी हुई है।
- यूपी के मेरठ में न्यूनतम तापमान 3.1°C,
- अयोध्या और मुजफ्फरनगर में 3.5°C,
- पंजाब के बठिंडा में 3.2°C,
- हरियाणा के नारनौल में 1°C और भिवानी में 1.2°C दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी यूपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे हालात में सुधार की उम्मीद है।

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