अमृतसर, 5 अगस्त : गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. करमजीत सिंह द्वारा आरएसएस के एक कार्यक्रम में भाग लेने के मामले में विभिन्न छात्र संगठनों ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। छात्र संगठन के नेता जसकरन सिंह ने आरोप लगाया कि डॉ. करमजीत सिंह ने आरएसएस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया था। कुलपति ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय द्वारा किए गए कार्यों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने सिख धर्म और ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली’ को जोड़ने वाले पाठ्यक्रमों की बात कही।
इसके अलावा, उन्होंने ‘सिख चेयर’ के संदर्भ में वेदांत और सिख धर्म के बीच संबंध जोड़ने की भी कोशिश की। छात्र संगठनों के अनुसार, ये सभी कदम सिख सिद्धांतों के खिलाफ हैं। उन्होंने आपत्ति जताई कि 1969 में श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय सिख धर्म के प्रचार-प्रसार के बजाय आरएसएस की विचारधारा के प्रचार का केंद्र बनता जा रहा है।
जसकरन सिंह ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज से मांग की कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के मौजूदा कुलपति को तुरंत हटाने का आदेश जारी किया जाए और भविष्य में किसी भी संस्थान में आरएसएस से जुड़े व्यक्तियों की नियुक्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

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