चंडीगढ़, 26 फरवरी : गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनों की खरीद हेतु 395 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की है। यह राशि 5,358 लाभार्थियों को दी गई है, ताकि राज्य को पराली जलाने की घटनाओं से पूरी तरह मुक्त बनाया जा सके।
50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी
कृषि मंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों, कस्टम हायरिंग सेंटरों (सीएचसी), व्यक्तिगत किसानों और सप्लाई चेन इकाइयों को सीआरएम मशीनों की खरीद पर 50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिससे पराली जलाने की घटनाओं में कमी आए और किसानों की आय में वृद्धि हो।
1,151 नए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित
छोटे और सीमांत किसानों को किफायती दरों पर मशीनें उपलब्ध कराने के लिए राज्य भर में 66 सहकारी सभाओं के माध्यम से 1,151 नए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। इनमें 1,042 ग्रामीण उद्यमी, 28 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), 15 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, जो गांव स्तर पर सामुदायिक समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।
4,181 व्यक्तिगत किसानों को मिला लाभ
योजना के तहत 4,181 किसानों को आधुनिक और कुशल सीआरएम मशीनें प्रदान की गई हैं। इसके अतिरिक्त, पराली के प्रभावी उपयोग के लिए 26 पैडी सप्लाई चेन स्थापित की गई हैं, जो पराली को बायोमास प्लांटों और औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाकर उसे आय के स्रोत में बदलने में सहायक होंगी। कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में जहां 10,909 मामले थे, वहीं 2025 में यह घटकर 5,114 रह गए। उन्होंने कहा कि यह गिरावट योजना की सफलता और किसानों के सकारात्मक सहयोग का प्रमाण है।
किसानों से सहयोग की अपील
स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि 395 करोड़ रुपये की यह सब्सिडी केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य की मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ हवा में निवेश है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध आधुनिक मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग करें और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दें।
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