चंडीगढ़, 2 फरवरी : देश की आज़ादी के संघर्ष में अहम योगदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवारों को दी जाने वाली सम्मान सुविधाओं को लेकर पंजाब सरकार के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ राज्य स्तरीय संगठन के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन स्कूलों के लिए विशेष ग्रांट जारी करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस अवसर पर ज़िला प्रधान अमरप्रीत सिंह बॉबी, कमलदीप सिंह गिल, राज कुमार डकाला, सतपाल कौर सोही, गुरइकबाल सिंह सहित संगठन के अन्य नेता उपस्थित रहे।
15 सरकारी स्कूलों के नाम शहीदों के नाम पर
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी एसोसिएशन पंजाब के प्रदेश महासचिव इंद्रपाल सिंह धालीवाल सोनी ने शिक्षा मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि हाल ही में राज्य के 15 सरकारी स्कूलों के नाम शहीद सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर रखने संबंधी अधिसूचना जारी की गई है। उन्होंने इसे एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
स्कूलों के सौंदर्यीकरण के लिए विशेष ग्रांट की मांग
बैठक के दौरान यह मांग रखी गई कि जिन सरकारी स्कूलों के नाम शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे गए हैं, उनकी सूरत संवारने के लिए विशेष अनुदान जारी किया जाए। इसमें स्कूलों के मुख्य द्वार को डिजिटल स्वरूप देने, रंग-रोगन, खेल मैदान निर्माण, कक्षा कक्षों के सौंदर्यीकरण, पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए विशेष कदम उठाने की मांग की गई।
प्रक्रिया को तेज करने पर दिया जोर
संगठन के पदाधिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर स्कूलों के नामकरण की प्रक्रिया को और तेज करने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने संगठन के नेताओं को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार देश की आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवारों के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकारी निर्देशों के अनुसार शहीदों के नाम पर स्कूलों के नाम रखने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।

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