बहादरगढ़ (हरियाणा), 30 जुलाई : इलाके में बंदरों के बढ़ते आतंक से निपटने के लिए एक दिलचस्प कदम उठाते हुए, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डी.एम.आर.सी.) ने बहादुरगढ़ शहर के मेट्रो स्टेशनों पर लंगूरों के कटआउट लगाए हैं। इन कटआउट का उद्देश्य लंगूरों से डरने वाले बंदरों को भगाना है।
एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो स्टेशन परिसर में बंदरों के आने का मुख्य कारण स्थानीय लोग और यात्री हैं, जो धार्मिक मान्यताओं के कारण अक्सर उन्हें खाना खिलाते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘मंगलवार को बंदरों की संख्या काफी बढ़ जाती है क्योंकि कई भक्त उन्हें भगवान हनुमान की सेना का हिस्सा मानकर केले और अन्य खाद्य पदार्थ चढ़ाते हैं।’
बंदरों को खाद्य पदार्थ खिलाने से बाज नहीं आते लोग
अधिकारी ने बताया कि डीएमआरसी द्वारा यात्रियों से बंदरों को खाना न खिलाने की बार-बार अपील और कुछ स्टेशनों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के बावजूद, यह प्रथा जारी है। अधिकारी ने आगे कहा कि इससे बंदरों को परिसर में घुसने से रोकना मुश्किल हो गया है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बंदर आमतौर पर यात्रियों को नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन उकसाने पर वे मेट्रो की संपत्ति, खासकर इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बंदरों के आतंक से निपटने के लिए फैसला
उन्होंने आगे कहा कि बंदरों की इस समस्या से निपटने के लिए लंगूरों की मौजूदगी कम करने के लिए कटआउट लगाए गए हैं। बंदरों का यह आतंक मेट्रो स्टेशनों तक ही सीमित नहीं है। बहादुरगढ़ शहर के बाजार और रिहायशी इलाके भी इसकी चपेट में हैं। कुछ महीने पहले बहादुरगढ़ नगर परिषद ने बंदरों को पकडक़र जंगली इलाकों में भेजने के लिए टेंडर निकाला था।
हालांकि नगर निगम के एक अधिकारी ने दावा किया कि अब तक 450 से ज़्यादा बंदरों को पकडक़र छोड़ा जा चुका है, लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है। अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने हाल ही में स्थानीय डीएमआरसी अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें उनसे मेट्रो स्टेशनों पर बंदरों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का आग्रह किया गया।
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