संयुक्त राष्ट्र, 30 जनवरी : संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने वर्ष 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बहु-ध्रुवीय (मल्टी-पोलैरिटी) वैश्विक व्यवस्था के समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया। अमेरिका और चीन की ओर इशारा करते हुए गुटेरेस ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान न तो किसी एक शक्ति के आदेश से संभव है और न ही दो शक्तियों द्वारा दुनिया को प्रभाव क्षेत्रों में बांटने से।
भारत-EU समझौता बहु-ध्रुवीय व्यवस्था की मिसाल
गुटेरेस ने कहा कि यदि दुनिया को स्थिरता, स्थायी शांति और समावेशी विकास की ओर ले जाना है, तो देशों के बीच व्यापार, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मजबूत और व्यापक नेटवर्क बनाना होगा। उन्होंने भारत-EU, EU-मर्कोसुर और चीन-कनाडा जैसे समझौतों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे करार वैश्विक सहयोग को मजबूत करते हैं। हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ समझौता लगभग दो अरब लोगों की साझा बाजार व्यवस्था तैयार करता है।
मोदी और यूरोपीय नेताओं ने बताया ऐतिहासिक कदम
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय नेताओं ने वैश्विक व्यवस्था की रक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है। यूएन महासचिव ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी केवल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास है। किसी अन्य संगठन या गठबंधन को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ऐसे फैसले लेने का अधिकार नहीं है।
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