January 7, 2026

अमेरिकी सेना ने नशीले पदार्थों से लदी नाव को निशाना बनाया, 11 की मौत

अमेरिकी सेना ने नशीले पदार्थों से लदी नाव...

वाशिंगटन, 3 सितम्बर : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में एक ड्रग तस्कर नाव पर हमला किया, जिसमें उसमें सवार 11 लोग मारे गए। वह उन्हें “नार्को-आतंकवादी” कह रहे हैं, जो अमेरिका के ड्रग-विरोधी अभियान का हिस्सा है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक खुली नाव में अचानक आग लग गई और विस्फोट हो गया। उन्होंने बताया कि नाव में भारी मात्रा में ड्रग्स भरा हुआ था।

यह नाव किसकी थी?

ट्रंप का दावा है कि नाव का संचालन वेनेज़ुएला स्थित गिरोह ट्रेन डी अरागुआ द्वारा किया जा रहा था, जिसे इस साल फरवरी में अमेरिका ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया था। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि यह संगठन वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के नियंत्रण में काम कर रहा था। यह हमला मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों से निपटने के लिए समुद्री अभियान चलाने की अमेरिकी नीति का हिस्सा प्रतीत होता है। अमेरिका ने दक्षिणी कैरिबियन में 7 युद्धपोत और एक परमाणु पनडुब्बी तैनात की है।

वेनेजुएला की प्रतिक्रिया

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अमेरिकी हस्तक्षेप बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ज़रूरत होगी, वे अपने देश की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएँगे।

हालाँकि ट्रंप ने दावा किया था कि मादुरो के नियंत्रण में गिरोह हैं, लेकिन अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया परिषद की एक गोपनीय रिपोर्ट ने इसका समर्थन नहीं किया। रिपोर्ट में कहा गया था कि मादुरो और गिरोहों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया था। ट्रंप ने इस घटना को एक चेतावनी के रूप में पेश किया कि जो कोई भी अमेरिका में ड्रग्स भेजने की सोचेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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