नई दिल्ली, 7 अप्रैल : मौसम विज्ञान में पश्चिमी विक्षोभ एक अहम वायुमंडलीय प्रणाली है, जो पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ती है और भारत के मौसम को प्रभावित करती है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इसकी सक्रियता सर्दियों में अधिक होती है, जिससे बारिश और बर्फबारी होती है।
पंजाब-हरियाणा में ऑरेंज अलर्ट
इस समय पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में गेहूं की कटाई अपने चरम पर है। कई जगह फसल पूरी तरह पक चुकी है, जबकि कुछ क्षेत्रों में कटाई शुरू हो चुकी है।
मौसम विभाग द्वारा जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि की स्थिति में फसल गिर सकती है और दाने खराब हो सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और रास्ते बंद
वहीं हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हालात ज्यादा गंभीर हैं। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर पिछले 24 घंटों से लगातार बर्फबारी हो रही है। भारी बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा सहित कई महत्वपूर्ण रास्तों पर यातायात प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।शिमला मौसम केंद्र के निदेशक के अनुसार, निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
अधिक बारिश से फसलों को नुकसान
गेहूं की तैयार फसल को नुकसान, तेज हवाओं से फसल गिरने का खतरा, बर्फबारी से यातायात बाधित, अत्यधिक बारिश से जलभराव और फसल खराब होने की आशंका हैं।पश्चिमी विक्षोभ जहां एक ओर जल संसाधनों और कृषि के लिए जरूरी है, वहीं इसकी तीव्रता बढ़ने पर यह किसानों और आम जनजीवन के लिए चुनौती भी बन जाता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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