सिरसा, 7 मार्च : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्या मामले में बरी किए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का रुख करेंगे।
फैसला मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा आधार
अंशुल छत्रपति ने कहा कि अभी तक उन्हें अदालत के फैसले की आधिकारिक प्रति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जब फैसले की कॉपी मिल जाएगी, तभी यह स्पष्ट हो सकेगा कि डेरा प्रमुख को किस आधार पर बरी किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले की जांच करने वाली सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) भी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है।
दो दशक से अधिक समय से चल रही है न्याय की लड़ाई
अंशुल छत्रपति ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को वे सिर-माथे स्वीकार करते हैं, लेकिन वे हिम्मत नहीं हारेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे इस कानूनी लड़ाई को लड़ते आ रहे हैं और अब इसे और मजबूती के साथ सुप्रीम कोर्ट में भी जारी रखेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें न्याय मिलेगा।
इस मामले पर शुरू से नजर रखने वाले एडवोकेट लेख राज ढोट ने कहा कि इस केस में उपलब्ध सभी साक्ष्य डेरा प्रमुख के खिलाफ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे निचली अदालत में यह मामला पूरी कानूनी मजबूती के साथ लड़ा गया था, वैसे ही फैसले की कॉपी मिलने के बाद इसे सुप्रीम कोर्ट में भी पूरी ताकत के साथ लड़ा जाएगा।

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