लखनऊ, 06 अक्टूबर 2026: राजधानी में बाढ़ से बचाव के लिए करीब 40 किलोमीटर लंबा फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है। मानसून समाप्त होने के बाद धनराशि जारी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाले इस तटबंध के ऊपर एक रास्ता बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को गोमती किनारे सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो इसके लिए पंपिंग सेट लगाए जाएंगे। इनसे नदी का जलस्तर बढ़ने पर आबादी क्षेत्र में जमा पानी बाहर निकाला जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वे भी किया। उन्होंने बीकेटी में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी। राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को स्कूलों व मैरिज हॉल में बनाए राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश दिए।
शिविरों में दोनों समय गर्म भोजन बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। पशुओं के लिए भूसा और चोकर भी मिलेगा। सीएम ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता मिलेगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के पात्र परिवार को आवास योजना से घर दिया जाएगा। पशुहानि की भरपाई और फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा मिलेगा।
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