February 23, 2026

एस.आई.आर. मामले पर विपक्ष की केवल बदनाम करने की राजनीति : चुनाव आयोग

एस.आई.आर. मामले पर विपक्ष की...

नई दिल्ली, 16 अक्तूबर : चुनाव आयोग ने गुरुवार को बिहार एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभ्यास को बरकरार रखा और सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता, राजनीतिक दल और गैर सरकारी संगठन, इस अभ्यास को बदनाम करने के लिए केवल झूठे आरोप लगाने से संतुष्ट हैं। चुनाव आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय को यह भी बताया कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नामों को हटाने के खिलाफ किसी भी मतदाता द्वारा एक भी अपील दायर नहीं की गई है।

चुनाव आयोग त्रुटियों और अन्य खामियों की जांच करेगा

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनावी राज्य में रैलियों के कारण सुनवाई में राजनीतिक दलों की अनुपस्थिति पर गौर करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चुनाव आयोग एक जिम्मेदार प्राधिकारी के रूप में एसआईआर प्रक्रिया के बाद तैयार की गई बिहार की अंतिम मतदाता सूची में टाइपिंग संबंधी त्रुटियों और अन्य खामियों की जांच करेगा और सुधारात्मक उपाय लेकर आएगा।

चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में आगे कहा कि बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) की नियुक्ति के अलावा, राजनीतिक दलों और जनहितैषी व्यक्तियों और संगठनों ने यह सुनिश्चित करने में कोई ठोस योगदान नहीं दिया कि सभी पात्र मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाए।

इसमें कहा गया है, “इससे पता चलता है कि एसआईआर प्रक्रिया सही थी। आपत्तियों के निपटारे और अंतिम मतदाता सूची से लगभग 3.66 लाख लोगों के नाम हटाने के बाद भी आज तक कोई अपील दायर नहीं की गई है।”

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